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✍️.... विश्व रोहिला राजपूत संघ का अपने युवा पीढ़ी को जगाने का एक छोटा सा प्रयास ....

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  कॉपीराइट 1999 2020 Google ✍️.... विश्व रोहिला राजपूत संघ का अपने युवा पीढ़ी को जगाने का एक छोटा सा प्रयास .... इतिहास के कुछ स्वर्णाक्षर (रोहिला क्षत्रिय)     भारत वर्ष का क्षेत्रफल 42 ,02 ,500 वर्ग किमी था ।     रोहिला साम्राज्य 25 ,000  वर्ग किमी 10 ,000  वर्गमील में फैला हुआ था ।     रोहिला, राजपूतो का एक गोत्र , कबीला (परिवार) या परिजन- समूह है जो कठेहर - रोहिलखण्ड के शासक एंव संस्थापक थे |मध्यकालीन भारत में बहुत से राजपूत लडाको को रोहिला की उपाधि से विभूषित किया गया. उनके वंशज आज भी रोहिला परिवारों में पाए जाते हैं ।     रोहिले- राजपूत प्राचीन काल से ही सीमा- प्रांत, मध्य देश (गंगा- यमुना का दोआब), पंजाब, काश्मीर, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में शासन करते रहे हैं । जबकि मुस्लिम-रोहिला साम्राज्य अठारहवी शताब्दी में इस्लामिक दबाव के पश्चात् स्थापित हुआ. मुसलमानों ने इसे उर्दू में "रूहेलखण्ड" कहा ।     1702 से 1720 ई तक रोहिलखण्ड  में रोहिले राजपूतो का शासन था. जिसकी राजधानी बरेली थी ।     रोहिले राजप...